नीट यूजी 2026 परीक्षा के कथित पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्याओं के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने से अधिक समय तक चले आंदोलन के समाप्त होने के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की अगली रणनीति पर सभी की निगाहें टिकी हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और केंद्र सरकार द्वारा आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों को स्वीकार किए जाने के बाद धरना समाप्त हो गया। अब CJP प्रमुख अभिजीत दिपके ने संगठन की आगामी योजना और सरकार के साथ जारी बातचीत को लेकर बड़ा बयान दिया है।
रविवार (26 जुलाई, 2026) को समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में अभिजीत दिपके ने कहा कि संगठन जल्द ही अपनी अगली रणनीति का खुलासा करेगा। उन्होंने कहा, “अभी शनिवार को ही जंतर-मंतर पर छात्रों का इतना बड़ा विरोध प्रदर्शन समाप्त हुआ है। हमें थोड़ा समय दीजिए, हम जल्द ही आगे की रणनीति के बारे में जानकारी देंगे।”
जब उनसे पंजाब में हाल ही में सामने आए कथित पेपर लीक के मामले पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि CJP इस मुद्दे पर भी जल्द अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया देगी। उन्होंने कहा कि संगठन इस विषय पर अपनी रणनीति तैयार कर रहा है और उचित समय पर अपनी बात सार्वजनिक करेगा।
#WATCH | Delhi: Cockroach Janta Party (CJP) founder Abhijeet Dipke says, “We will announce the future strategy soon. It only just ended yesterday; please give us a little time…”
On the alleged paper leak in Punjab, he says, “We will address that too; we are currently planning… pic.twitter.com/GQUufQdpOD
— ANI (@ANI) July 26, 2026
सरकार से छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग
अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार के साथ जारी बातचीत पर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान जिन छात्रों पर विभिन्न मामलों में केस दर्ज किए गए हैं, उन्हें वापस लेने की मांग सरकार के सामने रखी गई है। उन्होंने कहा, “किसी भी छात्र के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं रहना चाहिए। इसी मुद्दे पर सरकार के साथ बातचीत चल रही है।”
उन्होंने संकेत दिया कि CJP आंदोलन से जुड़े छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी मामलों को खत्म कराने को अपनी प्राथमिकता मान रही है और इस दिशा में सरकार के साथ संवाद जारी है।
लंबे आंदोलन के बाद सरकार ने मानी प्रमुख मांगें
नीट यूजी 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्रों का व्यापक विरोध देखने को मिला था। दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में हजारों छात्रों और युवाओं ने लगातार एक महीने से अधिक समय तक प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और शिक्षा मंत्रालय में जवाबदेही तय करने जैसी मांगें उठाई गई थीं।
लगातार बढ़ते दबाव के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दिया। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने आंदोलनकारियों की तीन प्रमुख मांगों और परीक्षा सुधार से जुड़े पांच सुझावों को स्वीकार करने की घोषणा की, जिसके बाद CJP ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
हालांकि आंदोलन खत्म हो चुका है, लेकिन CJP का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर उसकी सक्रियता आगे भी जारी रहेगी। अब संगठन की अगली रणनीति और सरकार के साथ बातचीत के नतीजों पर छात्रों और राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है।




