रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC), झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जारी छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाया कि सरकार ने उनकी बात सुनी है और उनकी मांगों पर गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ काम किया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री ने विपक्ष के कुछ लोगों पर राजनीतिक लाभ के लिए छात्रों को भटकाने और माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया।
विपक्ष पर लगाया छात्रों को भटकाने का आरोप
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि विपक्ष से जुड़े कुछ लोगों ने सियासी फायदे के लिए आंदोलन का माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे किसी भी राजनीतिक नैरेटिव के बहकावे में न आएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताने का पूरा अधिकार है। उनकी आवाज का सम्मान करना तथा उनकी समस्याओं का समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है।
‘सरकार ने आपकी बात सुनी है’
मुख्यमंत्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “सरकार ने आपकी बात सुनी है। हमारी सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री आपसे लगातार संवाद करते रहे हैं।” उन्होंने भरोसा दिलाया कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से लिया जाएगा और उनसे जुड़े मुद्दों का समाधान निकालने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
हेमंत सोरेन ने छात्रों से सरकार पर भरोसा बनाए रखने और संवाद के माध्यम से अपनी बात रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं की चिंताओं और समस्याओं को नजरअंदाज नहीं कर सकती।
दोषियों को नहीं बख्शने का दावा
मुख्यमंत्री ने परीक्षा संबंधी कथित गड़बड़ियों पर कहा कि दोषी व्यक्ति चाहे कोई भी हो, सरकार ने किसी को नहीं बख्शा है। उन्होंने दावा किया कि सरकार का उद्देश्य व्यवस्था की उन कमियों को दूर करना है, जिनकी वजह से अभ्यर्थियों को बार-बार परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि व्यवस्था में होने वाले बदलावों में छात्रों की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है।
पुलिस और प्रशासन को दिया धन्यवाद
हेमंत सोरेन ने 10 अगस्त के छात्र आंदोलन के दौरान स्थिति संभालने के लिए पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों एवं जवानों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने संयम, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ स्थिति को नियंत्रित किया।
हालांकि, विधानसभा मार्च के दौरान छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया गया।
17 दिनों से जारी है आंदोलन
JPSC, JSSC समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ रांची में छात्रों का प्रदर्शन पिछले 17 दिनों से जारी है। आंदोलन के तहत 10 अगस्त को छात्रों ने विधानसभा मार्च निकाला। भूख हड़ताल कर रहे JPSC-JSSC न्याय मंच के छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो भी मार्च में शामिल हुए।
फिलहाल मुख्यमंत्री ने छात्रों को संवाद और समाधान का भरोसा दिया है। अब अभ्यर्थियों की नजर सरकार के अगले कदम पर है। छात्रों को उम्मीद है कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित अनियमितताओं की जांच को लेकर सरकार जल्द ठोस निर्णय लेगी।




