नीट यूजी 2026 परीक्षा को लेकर हुए देशव्यापी आंदोलन के बाद एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने आरोप लगाया है कि आंदोलन समाप्त होने के बावजूद विभिन्न राज्यों में प्रदर्शनकारी छात्रों और स्वयंसेवकों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई जारी है। पार्टी ने इसे केंद्र सरकार के साथ हुए समझौते का उल्लंघन बताते हुए चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं रोकी गई तो संगठन दोबारा देशव्यापी आंदोलन शुरू करने पर विचार करेगा।
सूत्रों के मुताबिक, CJP की शिकायतों के बाद केंद्र सरकार ने इस मामले का संज्ञान लिया है। सरकार की ओर से उन राज्यों से जानकारी मांगी जा रही है, जहां प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और युवाओं के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।
इस बीच CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह को संबोधित एक पोस्ट के माध्यम से सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि बिहार और पश्चिम बंगाल में कई छात्रों को हिरासत में लिया गया है, जबकि दिल्ली और उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में प्रदर्शन से जुड़े छात्रों और स्वयंसेवकों के घरों पर पुलिस छापे मारे जा रहे हैं।
आशुतोष रांका ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान सरकार और CJP के बीच यह सहमति बनी थी कि आंदोलन में शामिल छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। लेकिन मौजूदा हालात इस समझौते के विपरीत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की मदद करने वाले कई स्वयंसेवकों को हिरासत में लिए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई है।
CJP ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं। पार्टी ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर तत्काल वापस लेने, हिरासत में लिए गए छात्रों और युवाओं को बिना शर्त रिहा करने तथा भविष्य में किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज नहीं करने की मांग की है। इसके अलावा संगठन ने कानूनी सुरक्षा से जुड़े समझौते की लिखित प्रति मंगलवार तक उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
रांका ने स्पष्ट कहा कि यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर सरकार उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं करती, तो CJP दोबारा धरना-प्रदर्शन शुरू करने के लिए बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों और आंदोलन के दौरान हुए समझौते का सम्मान किया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि नीट यूजी 2026 पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर एक महीने से अधिक समय तक चले आंदोलन के बाद केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों और परीक्षा सुधार से जुड़े सुझावों को स्वीकार करने की घोषणा की थी। हालांकि अब प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है, जिससे आंदोलन की अगली दिशा पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।




